गोवा भारत का सबसे छोटा राज्य है, लेकिन रंगों और अनुभवों के मामले में यह देश के सबसे समृद्ध कोनों में से एक है। कोंकण तट की यह पट्टी लगभग 450 वर्षों तक पुर्तगाली उपनिवेश रही और 1961 में भारत में शामिल हुई। इसीलिए यहाँ की पहचान बिल्कुल अलग है - मंदिरों के पास सफेद चर्च, खाने में सिरके और मसालों का मेल, और संगीत में पुर्तगाली छाप। सौ किलोमीटर से लंबे रेतीले किनारे इसे भारत की सबसे लोकप्रिय समुद्री मंज़िल बनाते हैं।
उत्तर गोवा: चहल-पहल वाला किनारा
बागा और कलंगुट राज्य के सबसे व्यस्त समुद्र तट हैं। यहाँ पैरासेलिंग और जेट स्की जैसे वॉटर स्पोर्ट्स, समुद्र किनारे की झोपड़ियों में ताज़ी मछली, और देर रात तक चलने वाले क्लब मिलते हैं। भीड़ बहुत होती है, पर रौनक भी उतनी ही।
अंजुना में हिप्पी दौर की विरासत आज भी जिंदा है - सीज़न में हर बुधवार को यहाँ मशहूर पिस्सू बाज़ार लगता है। पास का वागाटोर और चापोरा किला सूर्यास्त के शानदार नज़ारों के लिए जाने जाते हैं, जबकि दूर उत्तर में अरम्बोल वैकल्पिक माहौल का ठिकाना है - योग, लंबे समय तक रुकने वाले यात्री और शाम को समुद्र किनारे ढोल की थाप।
दक्षिण गोवा: शांति और नारियल के पेड़
दक्षिण में रफ्तार धीमी हो जाती है। पालोलेम नारियल के पेड़ों से घिरा आधे चाँद जैसा सुंदर तट है, जहाँ बड़े होटलों की जगह लकड़ी की साधारण झोपड़ियाँ हैं। अगोंडा और भी शांत है, और लंबा-चौड़ा कोलवा सैर के लिए बढ़िया है। किताब, झूला और फिश थाली वाला गोवा यहीं मिलता है।
कौन सा तट चुनें
अगर आप पहली बार गोवा जा रहे हैं और वॉटर स्पोर्ट्स, बाज़ार और नाइटलाइफ चाहते हैं, तो उत्तर में बागा या कलंगुट के आसपास ठहरें - यहाँ से अंजुना और वागाटोर स्कूटर से आसानी से पहुँचा जा सकता है। अगर मकसद आराम, किताबें और शांत समुद्र है, तो पालोलेम या अगोंडा बेहतर रहेंगे। ध्यान रखें कि उत्तर से दक्षिण की दूरी करीब दो घंटे की है, इसलिए एक ही यात्रा में दोनों का मज़ा लेना हो तो ठहरने की जगह बीच में बदलना समझदारी है। नवंबर से फरवरी के बीच समुद्र आमतौर पर शांत रहता है, लेकिन लाइफगार्ड के झंडों का हमेशा पालन करें।
ओल्ड गोवा और पणजी: पुर्तगाली विरासत
मांडवी नदी के किनारे बसा ओल्ड गोवा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। बॉम जीसस बेसिलिका में संत फ्रांसिस ज़ेवियर के अवशेष रखे हैं, और विशाल से कैथेड्रल एशिया के सबसे बड़े चर्चों में गिना जाता है। राजधानी पणजी की फोंटैनहास बस्ती रंग-बिरंगे पुर्तगाली घरों और अज़ुलेजो टाइलों वाली गलियों के लिए मशहूर है - सुबह की सैर के लिए बेहतरीन जगह।
खाना और पीना
गोअन खाना भारत और पुर्तगाल का संगम है। विंदालू (सिरके वाला तीखा करी), शाकुटी (भुने नारियल के मसाले में चिकन) और मसाला भरी रेचेआडो मछली ज़रूर चखें। साथ में फेनी - काजू से बनी गोवा की खास स्थानीय शराब, जो भारत में और कहीं नहीं मिलती।
ज़रूरी जानकारी
- स्कूटर किराया लगभग 300-500 रुपये प्रतिदिन - हेलमेट ज़रूर पहनें, पुलिस जाँच आम है।
- सबसे अच्छा मौसम नवंबर से फरवरी तक। जून से सितंबर का मानसून हरा-भरा, सस्ता और शांत होता है, पर ज़्यादातर झोपड़ियाँ बंद रहती हैं।
- शनिवार को अरपोरा का नाइट मार्केट और पणजी में मांडवी नदी के कसीनो शाम के मुख्य आकर्षण हैं।
- राज्य में दो हवाई अड्डे हैं - डाबोलिम और उत्तर में नया मोपा।